Rich Dad and Poor Dad Summary in Hindi
Author-:Robert Kiyosaki (राॅबर्ट कियोसाकी)
समर्पण
1:-The Rich Don't Work for Money
(अमीर लोग पैसे के लिए काम नहीं करते )
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(2)-: Why Teach Financial Literacy?
(लोगों को पैसे की शिक्षा क्यों दी जानी चाहिए)
दोस्तो हमें कभी भी स्कूल या कॉलेज में financial ज्ञान नहीं दिया जाता। हमें सिर्फ रट्टा मारना सिखाया जाता है। और अच्छे नंबर लाने के लिए बोला जाता है। जिस से हम अच्छी नौकरी पा सकें।
लेकिन कोई भी नौकरी हमें अमीर नहीं बना सकती।
बहुत सारे लोग डॉक्टर और engineer बनना चाहते हैं। लेकिन वो 9 -5 वाली rat race में फँस जाते हैं। 2 लाख हर महीने कमा कर भी वो अमीर नहीं बन पाते। बस upper middle class बोले जा सकते हैं।
ऊपर से सारा समय नौकरी के लिए देना पड़ता है। जबकि अमीर हमेशा free होते हैं। कभी भी बैग उठा कर विदेश यात्रा के लिए निकल सकते हैं।
इस Rat Race से निकलने के लिए जो main point लेखक ने इस Chapter में बताया है, वो है : Asset and Liabilities की समझ।
जिन्हे ये समझ आ जाती है, वो एक दिन अमीर बन ही जाते हैं। इसे समझ गए तो आप बड़े बड़े MBA करने वालों से भी आगे बढ़ जायेंगे। आइये आसान शब्दों में समझते हैं – Asset and Liabilities होते क्या हैं।
Asset: जो भी चीज आपकी जेब मैं पैसा डालती है वो Asset है।
Liability : जो भी चीज आपकी जेब से पैसा निकालती है वो Liability है।
Example 1:
अगर आपने एक कार Loan पर ली है तो वो आपकी सिर्फ Liability है। क्यूंकि वो आपकी जेब से पैसा निकल रही है। पेट्रोल के लिए भी आपकी जेब से पैसा जा रहा है।
उसी कार को आप Asset भी बना सकते हैं। अगर आप उसे Ola/Uber से लिंक केर देते हैं और ड्राइवर रख लेते हैं। तो वही कार आपकी जेब में पैसा डालने लगेगी।
तो दोस्तो, है न कमाल का ट्रिक ।
Example 2 :
अगर आप 50 लाख का घर लोन पर लेते हैं तो वो आपकी Liability है। क्युँकि आप उसे लोन पर लेते हैं। 25 साल तक किश्त भरते हैं वो भी व्याज के साथ।
इसके विपरीत अगर आप उस 50 लाख को FD और PPF में रखते हैं। तो वही पैसा 10 -15 साल में दुगना हो जायेगा।
फिर आप जो घर लेंगे वो एक तरह से Free में होगा। फिर उस घर का कोई खाली कमरा आप किराये पर दे सकते हैं या AirBnB से लिंक कर सकते हैं। इस तरह से वो आपका asset हो जायेगा।
तो देखा दोस्तो ये सब स्कूल और कॉलेज में नहीं पढ़ाया जाता। MBA वालों को भी ये सब नहीं पता होता। इसलिए वे भी नौकरी ही कर रहे होते हैं।
आइये अब देखते हैं Asset कितनी तरह के होते हैं।
इसके लिए लेखक निम्नलिखित तरह के Asset बताये हैं।
( 1 ) Stocks – इसमें shares और mutual funds आते हैं
( 2 ) Bonds – ये आप बैंक से ले सकते हैं। जैसे गोल्ड आदि पर बांड मिल जाते हैं
( 3 ) Real Estate -जमीन का प्लाट या किराये पर घर देना
4 ) Notes – जैसे किसान विकास पत्र या डाकघर की योजनाएं
5 ) Royalties from intellectual property such as music, novels, and patents – आप यदि कोई भी आर्टिस्टिक प्रोडक्ट बनाते हैं तो उस पर सारी उम्र रॉयल्टी मिलती है।
6 ) Business -ऐसा business जो आपके बिना भी चलता रहता है। जैसे websites, blogs, e-commerce
तो जैसा कि आप लोगों ने देखा होगा कि बहुत से लोग पहली ही सैलरी में कार लेने के लिए भागते हैं। ये अमीर बनने के लक्षण नहीं हैं। और बनावटी अमीर तो आपको आस-पास बहुत नजर आ जायेंगे। बड़े-बड़े घर होंगे। लेकिन लोन की किश्ते भर रहे होंगे। या बैंक बैलेंस कुछ भी नहीं होगा (Rich Dad and Poor Dad Summary in Hindi)।
3-: Mind Your Own Business
(अपना business लगाएँ )
दोस्तो अगर आपको भी अमीर बनना है तो आप अपना खुद ही business लगाएँ। जॉब करके आप कभी भी अमीर नहीं बन सकते।
Example 1: जैसा कि दोस्तो एक व्यक्ति ने 32 तरह की चाय का business स्टार्ट किया। और हर सिटी में branches खोल लीं।उसके कैफेटेरिया में बहुत लोग काम करते हैं। और उसे कुछ खास करने की जरुरत नहीं पड़ती। उसकी income करोड़ों में है। क्या एक डॉक्टर या engineer इतनी मेहनत के बाबजूद इतना कमा सकता है !
Example 2 : Berger King
एक Berger King केवल बर्गर ही बेचता है जिसे कोई भी बना सकता है।
तो दोस्तो, मै बता दू आपको कि
इन examples से पता चलता है कि जरुरी नहीं हम बड़े – बड़े complex business जैसे स्टील, medicines , textiles आदि ही करें। जिनके लिए बहुत दिमाग और पैसे की जरुरत है। आप छोटा सा प्रोडक्ट भी बेच सकते हैं जो बहुत आसान हो।
इसमें असंख्य business हो सकते हैं। तो आप वो चुने जिसमें आपका interest हो और कुछ समझ भी हो ।
4: The History of Taxes and The Power of corporations
(टैक्स और कॉर्पोरेशंस का इतिहास )
(Rich Dad and Poor Dad Summary in Hindi)
दोस्तो, मैं आपको बता दू कि अमीरों के पास टैक्स से बचने का secret तरीका होता है। वो corporation या कंपनी बना लेते हैं। सरकार company को बहुत सी रियायतें देती है।
मान लीजिये कि किसी को कार लेनी है, तो वह उसे अपने नाम पर नहीं अपनी कम्पनी के नाम पर लेगा। इस से उसका tax नहीं लगेगा । और घर भी company के नाम पर लेगा।
वैसे ही विदेशी यात्रा पर जाना हो तो वह उसे कम्पनी के काम की ट्रिप बता कर ही कम्पनी के accounts में डाल दिया जाता है।
इसी तरह से अमीरों के पास बहुत से तरीके होते हैं। और फँसता कौन है – middle class वाले लोग। करते रहो मेहनत और भरते रहो टैक्स ।
Loan की कहानी भी सबको पता ही होती है। कम्पनी के नाम पर लोन लेते हैं। और इधर -उधर कर देते हैं।फर्जी कम्पनी भी बना लेते हैं वो लोग। ।
और जब लोन भरने की बारी आती है तो कम्पनी को bankrupt घोषित कर देते हैं। क्युँकि यही कानून का loophole है। अगर आपकी कम्पनी bankrupt हो जाती है तो इसमें आपकी कोई गलती नहीं मानी जाती।
लेकिन middle class का कोई व्यक्ति जब हाउस लोन लेता है तो एक -एक पाई चुकानी पड़ती है । अगर नहीं चुकाएंगे तो सजा दी जाती है।
5: The Rich Invent Money
(अमीर लोग पैसे का आविष्कार करते हैं )
तो दोस्तो इस chapter में लेखक ने अमीर लोगों के सीक्रेट बताएं हैं कि वे किस तरह से पैसों का आविष्कार करते रहते हैं। मतलब पैसे से पैसा बनाते रहते हैं।
आइये हम कुछ examples देखते हैं :
Example-:(1 )कि एक वार एक अमीर व्यक्ति ने देखा कि एक बहुत पुरानी बिल्डिंग थी जिसे उसका मालिक बेचना चाहता था।
लेकिन वह बिक नहीं रही थी । क्युँकि उसके आस – पास बहुत कचरा पडा था। बिल्डिंग का प्लास्टर भी उतर रहा था। तो उस अमीर व्यक्ति ने वो बिल्डिंग बहुत ही सस्ते दाम पर खरीद ली।
उसके बाद उसने उस बिल्डिंग का renovation किया, आस -पास का कूड़ा साफ़ करवाया, और वहां garden लगवाया। और फिर उसी बिल्डिंग को 5 गुना ज्यादा दाम पर बेच दिया।
6: Work to Learn – Don’t Work for Money
(सीखने के लिए काम करें, पैसे के लिए नहीं )
(Rich Dad and Poor Dad Summary in Hindi)
इसमें लेखक कहते हैं की अगर आपको business करना है तो पहले किसी के बिज़नेस में जाकर job करें । और वहां से पैसों की उम्मीद न रखें।
बल्कि वहां जाकर सीखें कि हर चीज कैसे की जाती है।
बिज़नेस/ कंपनी चलाने के लिए आपको 3 चीजें आनी चाहियें :
(1):-The cash flow management
इसमें पैसे का हिसाब-किताब होता है। और Investment कहाँ से लाएँ, और सैलरी कैसे देते हैं इत्यादि।
(2):- Management of systems
इसमें हम अलग -अलग डिपार्टमेंट को मैनेज करना सीखना होता है। जैसे production, finance, marketing इत्यादि।
(3):- People management
इसका मतलब है कि employees से कैसे डील किया जाता है। जैसे कोई भी company owner हर स्टाफ से directly बात नहीं कर सकता है। इसके लिए हर लेवल पर employees होते हैं। जैसे director, project manager , supervisor इत्यादि।
आपको यह जान कर हैरानी होगी कि हर MBA को ये चीजें सिखाई जाती हैं। लेकिन वे 95 % दूसरों के लिए नौकरी कर रहे होते हैं।क्युँकि उन्हें थ्योरी पता होती है। प्रैक्टिकल नॉलेज नहीं।
इसलिए Author कहते हैं कि इस सब का प्रैक्टिकल नॉलेज लेने के लिए आप कहीं पर भी काम सीखिए। इससे आपकी प्रैक्टिकल समझ बढ़ेगी।













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